Posts

ऐलान

आज करता हु एक ऐलान मेरे जिंदगी में सबसे बड़ा योगदान  हैं आपका और किसको देने नही पड़ेगा इसका प्रमाण सब हो जाओ सावधान आज मेरे गुरु को हैं मेरा सबसे बड़ा सम्मान आपने उंगली पकड़ ली मेरी तो हो गया सब कुछ आसान आपके सामने टिक न पाए बड़े से बड़े हैवान देशभक्ति के नारों में भी डाल दी जिसने जान जिसके अघोष में सिमट जाए यह पूरा जहान जिन्हे सुनकर कैसे न जागे हर एक भारतीय का ईमान आप तो हो ही नही सकते कोई मामूली इंसान आप तो हो ही नही सकते मामूली इंसान  इसीलिए गुरु को माना जाता है भगवान से भी महान  ए मेरे आका इसीलिए आपके चरणों में कोटि कोटि प्रणाम

my second innnings

 i still remember the day u left me lonely  felt why it happened to me only? something changed after that day  i met someone on orkut in the month of may  she was charming and sweet  but was never tidy and neat though it wasnt a specs for a new friend gosh didnt know was going to marry her in the end. she try to fill all the gaps you left  bcoz she thot i was left bereft  she taught me how to enjoy every moment and showed me there was no reason to lament and burn my  energy but to  save the element of love  for her of course, when she drove  me down on her streets  explaining in pieces and bits i ignored everything she said but never her love and passion as it was her first and she wanted to explore every region  time flew and we got married and   today we have a loving and notorious son who will know for sure  that love can be blind but is always true .  

New Mom

 I still remember the you shouted  and my heart stopped for a moment and,  halted to try to understand  That the time slipping out of my hand, our friendship had taken a new turn  it had hurted me and made me burn long story story short i was sad and broken  i think i had received  a right token. time passed and bruises healed  one fine day i dint want to open wat was concealed your phone number which was still in my phone  thats when i remembered your last tone  quickly did i search on google  with one hand on keyboard and another on noodle  was very delighted to find how happy you were time flew you were there and i was here  but dint have any complaints or desires to meet you or talk to you bcoz i had realised that day i was still shit scared of you the next day i again searched on the internet  and what i saw my eyes go wet it was you holding ur beautiful baby in your arm below that was a story of struggle of a ne...

Do line

कभी इत्तेफ़ाक़ से अगर मिल गए तो  यू  नज़रअंदाज़ न करना  मेरी गलती की सज़ा मेरे बेटे को न देना बस  थोड़ा सा मुस्कुरा ज़रूर लेना  बैठा रहा तेरे इंतज़ार में  की समय ने तेरे ज़ख्म भर दिए होंगे  पर हम में भी थोड़ा सा आत्मा सम्मान हैं  कि  अब तक जीये तो आगे भी जी लेंगे  कभी मुस्तक़बिल में मेरे बेटे से राह जुडी  तो  हमारी दोस्ती का ज़िक्र ज़रूर करना  मेरी गलतियों पे ग़ौर फरमाना और  मेरे ग़ैरमाशरूत प्यार का अर्ज़ भी करना न भूलना  क्यूंकि हम तो बने थे जिस दुनिये के लिए  उसी की आग़ोश में हो लिए  कभी उस पैमाने पे आकर हमारी ज़िन्दगी  देखने का तकलीफ उठाना  क्यूंकि जहाँ से हम देख रहे थे  वह का नजरिया ही कुछ अलग था  जो क्रोध की आग जल रही हैं तुम्हारे ज़हन में  उसको बुझा तो हम नहीं सकते  पर समय का कम्बल ओढ़ कर आग शांत हो यह दुआ ही तो कर रहे आरसे से  अपनी देहलीज़ का नुमाइना तो हमने कर ही लिया हैं  इसीलिए आपसे मिलने की खता हम नहीं कर सकते  माना दर्द हम दोनों ko हुआ  पर फर्क सिर्फ इतना था...

तनहाई

 आज जब अपने मन की बात तुम्हे  बताई  तो क्यों तुम पहले मुस्कुरायी ...... और फिर देने लगी मुझे दुहाई  उस दिन छोड़ गयी तुम और  छा गयी मुझ में तनहाई  रोम रोम में लग गयी थी आग  और शोर मच गया - त्राहि त्राहि  तब थी भी न कुछ मेरी कमाई  की खरीद सकू शराब और छिपा सकू अपनी सिंचाई  तो तुरंत लेट गया अपने कम्बल में क्यूंकि  आज वाकही में आँखें मेरे भर आयी  अगले दिन बैठा रहा शांत एक कोने में  पर मन में हो रही थी तबाही  उस ज्वाला को शांत करने मसीहा तो भेजो ओ  मेरे भाई  डूब गया था यादों में थी इतनी थी गहराई  हाँ साथ छोड़ दिया किसीने आज मेरा माई  शिकायत नहीं करता न करूँगा लड़ाई  पर आज ज़रूर खाऊंगा भर भर के मिठाई  आज रात को चैन की नींद आने के लिए लेनी पड़ेगा मुझे दवाई  कल से बदलने वाल हु मैं अपनी पहनाई  क्यूंकि अब बुरी लगने लगी होगी थी मेरी ही परछाई? उस  जिस  दिन छोड़ गयी तुम और  छा गयी थी मुझ में तनहाई 

नन्हे लाल ने सिखाया आज

 तुम आना फिरसे एक बार  मेरी दुनिया में  निःस्वार्थ प्यार क्या होता हैं ? यह सिखाया आज तुमने  तुम आना फिरसे एक बार  मेरे दुनिया में  ख़ुश रहना कितना आसान हैं ? यह सिखाया आज तूमने  तुम आना फीस एक बार  मेरे दुनिया में 

"मैं"आज आप ही की आग में जल गयी

  मैं ज़िन्दगी जीता रहा  मर मर के जिया  ,कर कर के जिया  दूसरों को समाया  , अपनों को समाया  पर यह कभी समझ में नहीं आया  की कहा से कहा चल दिया  रास्ता सीधा था पर अँधेरा घनघोर  पर फिर भी चलते रहे यही सोच  की मंज़िल थी कही दूर  पर एक दिन आपसे  मुलाकात हुई  ज़िन्दगी में उस दिन शाम ढल गयी  रास्ता आज भी सीधा ही था  पर आज रस्ते पर मशाल जल गयी  अनहोनी आज टल गयी  शुन्य से उभर कर शुन्य में, "मैं"आज आप ही की आग में जल गयी  .....